Wednesday, 13 August 2025

पत्ता वी नि हिलदा - काका जी।।

पत्ता वी नी हिलदा ओहदी मरज़ी तो बग़ैर
उजाड़ दिंदा ए पिंड दे पिंड ते ढा दिंदा ए शहर
नित ही करदा खून ख़राबे रेप करन दा आदी ऐ
गरीबां नूँ ही तंग करदा बड़ा बुज़दल ओह अत्तवादी ऐ
जानवरां ते करदा रहंदा वन सुवन्ने कैर
हर इक दिल विच वसदा इहदे नाल दिलां विच ज़हर
पत्ता वी नहीं हिलदा ओहदी मरज़ी तो बग़ैर
उजाड़ दिंदा ए पिंड दे पिंड ते ढा दिंदा ए शहर
बहुत चड़ावे लैंदा ए रिश्वत खोर सिरे दा ए
शरेआम नी सामने औंदा पक्का चोर सिरे दा ए
बहुत चड़ावे वे लैंदा ए रिश्वत खोर सिरे दा ए
शरेआम नी सामने औंदा पक्का चोर सिरे दा ए
कमज़ोराँ नूँ लाइन च रखदा अमीरां दे कुट्टदा पैर
राजयां दे नाल यारी रक्खे जनता दे नाल वैर
पत्ता वी नहीं हिलदा ओहदी मरज़ी तो बग़ैर
जे इंसान दे हथ वस कुछ नहीं फेर तां इही पापी ऐ
रावण लादेन हिटलर इही औरंगज़ेब गदाफ़ी ऐ
ते जे बंदे दी मरज़ी ऐ तां इहदी होंण ही फ़र्ज़ी ऐ
जे पाप पुन्न दा फल दिंदा तोलन तो ऐनूँ एलर्जी ऐ
जे ही करता धरता ए फिर पहिली गल्ल ते ठहर
ओह आपे आ के दे जुग्गा तूँ मंगदा फिरदा ख़ैर
गुस्सा काहनूँ कर गया यारा मेरीयां गल्लां दा
गुस्सा लग्गदा कर गया भगता मेरीयां गल्लां दा
तूँ आप लिखावे आप चलावे मेरी कलम दी लै
ओहदे दफ़तर जांदा चौकीदारां तो धक्के खांदा
इह बंदा किन्ना झल्ला ए इह किहनूँ दुख सुणाउँदा
जेहड़े लोकर पैसे पांदा ओह गोलक नहीं, गल्ला ए
गल्ले पिच्छे दल्ले हल्ले करदे रोज़ दा कारा ए
जेहड़ा किस्मत नूँ मन्नदा बस ओही किस्मत वाला ऐ
अगली पिछली जिंदीगी किहने देखी काका जी
तेरे सां थोड़े ने जिन्नी करनी कर लै सैर

https://youtu.be/Jb5VNyAuBNo?si=n-OjX0mlVI2QzdEc

Wednesday, 27 September 2023

Happy Birthday Mr. Rationalist


Happy Birthday Friend... I don't admire you because we born in same religion.. I admire you because  i will die in your religion.. The NO RELIGION...

Saturday, 9 September 2023

Pagal - ਦੱਸੋ ਕੇੜ੍ਹਾ

बाज लोगो नें मनहर को पागल करार दे दिया, चुनाँचे उसको हिरासत में लेकर अदालत लाया गया, मुंसिफ के आगे पेश किया गया, पागल नें अपना पक्ष रखा और सबको यक़ीन दिला दिया कि वो पागल नहीं हैं।।

पर अगले ही लम्हा, इस्मत याफ़्ता ख़वातीन को एक नाक़ाबिल-ए-बरदाश्त तकलीफ हो गयीं और सब अपनी बगले झाँकने लगे और फुसफुसाने लगे,

"अग़र ये पागल नहीं हैं तोह क्या?"

फ़ैसले की घड़ी आयी, मनहर को पागल घोषित कर पागलखाने भेजना मुकर्रर हुआ।

चुनाँचे अब नशे के टीके और दिमागी करंट की मदद से उसके दिमाग से खुद को पागल साबित न करने का फ़ितूर उतर गया।

काफ़ी अरसे बाद, अब बख्तरबंद किले जैसे पागलखाने में मनहर के कई दोस्त हैं जिनके साथ वो आज़ाद महसूस करता हैं और अब....

Thursday, 7 September 2023

Zindagi Tamasha

मुख़्तलिफ़ हैं मेरी 10 से 6 की ज़िन्दगी, मेरी 6 से 10 की ज़िन्दगी से।।